यदि कोई व्यक्ति मेहंदींपुर वाले श्री बालाजी के सिर्फ दर्शन करना चाहता है

यदि कोई व्यक्ति मेहंदींपुर वाले श्री बालाजी के सिर्फ दर्शन करना चाहता है
तो कृप्या कर के कम से कम 8 दिन पहले से ही मादक वस्तुओं- लह्सुन, प्याज, अण्डा, माँस और शराब का जरुर त्याग कर दे.

संकट कटने पर रोगी को 41 दिनों तक परहेज करना चाहिए.

सफेद वस्तुओं जैसे कि- दूध, दही, मूली, केला, इत्यादि नहीं खाने चाहिए.

चावल, उडद या इन से बनीं कोई वस्तु नहीं खाने चाहिए.

तेल, खटाई, व मिर्च नहीं खाने चाहिए.कालीमिर्च कहा सकते हैं।
मंत्रित छोटी हरड़,ओर 4 काली मिर्च रोज खानी चाहिए।41 दिन तक

तेल, साबुन, काली मिर्च, लौंग व सरसों इत्यादि श्री बालाजी मन्दिर की भबूती डालकर इस्तेमाल करना चाहिए.

खाने लायक अन्य वस्तुओं में भभूति मिला कर ही खाने चाहिए.

अखण्ड ज्योति जला कर व्रत धारण करना चाहिए.

सुबह-शाम पूजा-पाठ व हनुमान चालीसा, सुंदरकांड ,ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हूं फट स्वाहा ,मन्त्र का 2 माला रोज जप करना चाहिए।गीता-पाठ करना चाहिए.

ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए जमीन पर सोना चाहिए.

घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए.
दूसरे घर का अन्न नही खाना चाहिए।
41 दिन तक अपने घर पर रहना चाहिए।

41 दिनों के नियम पूर्ण होने बाद किसी कर्मकाण्डी ब्रहामण द्वारा श्री बालाजी का शंकट नाशक हवन अवश्य करवाना चाहिए हवन के बाद रोगी कहीं भी आ जा सकता है, कुछ भी खा सकता है परन्तु – मादक वस्तुओं- लह्सुन, प्याज, अण्डा, माँस और शराब का सेवन करना निषेध है.
॥ जय श्री राम ॥ यह वेब साईट श्री बालाजी महाराज के श्रद्धालु यात्रीयों के लाभार्थ, श्री बालाजी महाराज के श्रद्धालु सेवकों द्वारा बनाई गई है,
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