पितृ दोष / त्रिपिंडी श्राद्ध पूज – पितरों की शांति और जीवन में शुभता का मार्ग
पितृ दोष तब उत्पन्न होता है जब हमारे पूर्वजों की आत्माएँ असंतुष्ट होती हैं या उन्हें समय पर तर्पण, श्राद्ध या धार्मिक कर्म नहीं मिले होते। इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन, परिवार, संतान, स्वास्थ्य और समृद्धि पर पड़ता है।
ऐसे में पितृ दोष निवारण पूजा या त्रिपिंडी श्राद्ध पूजन करना अत्यंत आवश्यक और शुभ माना जाता है।
त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा के माध्यम से पितरों को तर्पण, पिंडदान और वैदिक विधि से संतुष्ट किया जाता है, जिससे उनकी आत्मा को मोक्ष प्राप्त होता है और परिवार में सुख-शांति का वास होता है।
पितृ दोष / त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा के लाभ:
- पितरों की आत्मा को शांति और तृप्ति की प्राप्ति
- जीवन में आने वाली रुकावटें और बाधाएँ दूर होती हैं
- संतान संबंधी कष्टों में कमी आती है
- घर-परिवार में सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि का आगमन
- पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है
आचार्य जी संजय शास्त्री द्वारा कराए जाने वाले पितृ दोष निवारण एवं त्रिपिंडी श्राद्ध अनुष्ठान पूर्णतः वैदिक शास्त्रों और पितृ कर्मकांड विधि से संपन्न होते हैं। हर विधि में शुद्ध मंत्रोच्चारण, आहुति और संकल्प के माध्यम से पितरों की आत्मा को शांति प्रदान की जाती है।
यदि आपकी कुंडली में पितृ दोष दर्शाया गया है, या जीवन में लगातार रुकावटें आ रही हैं, तो आज ही आचार्य जी संजय शास्त्री से संपर्क करें और अपने पितरों की कृपा प्राप्त करें।
