पंच दिवसीय आराधना आचार्यजी मेहन्दीपुर बालाजी


किस ग्रह से होती कौन-सी बीमारी जानिए सूर्य के बाद धरती के उपग्रह चन्द्र का प्रभाव धरती पर पूर्णिमा के दिन सबसे ज्यादा रहता है। जिस तरह मंगल के प्रभाव से समुद्र में मूंगे की पहाड़ियां बन जाती हैं और लोगों का खून दौड़ने लगता है उसी तरह चन्द्र से समुद्र में ज्वार-भाटा उत्पत्न होने…
शतचंडी और नवचंडी पूजा, देवी दुर्गा को समर्पित अत्यंत शक्तिशाली और महत्वपूर्ण हिंदू अनुष्ठान हैं। इन पूजाओं में विशेष मंत्रों, हवन, और श्रद्धा से भरपूर विधियों के माध्यम से देवी की आराधना की जाती है। ये समारोह गहराई से धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखते हैं। इन पूजाओं का आयोजन विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता…
अंगहरे पुलकभूषण माश्रयन्ती भृगांगनैव मुकुलाभरणं तमालम।अंगीकृताखिल विभूतिरपांगलीला मांगल्यदास्तु मम मंगलदेवताया:।।1।। मुग्ध्या मुहुर्विदधती वदनै मुरारै: प्रेमत्रपाप्रणिहितानि गतागतानि।माला दृशोर्मधुकर विमहोत्पले या सा मै श्रियं दिशतु सागर सम्भवाया:।।2।। विश्वामरेन्द्रपदविभ्रमदानदक्षमानन्द हेतु रधिकं मधुविद्विषोपि।ईषन्निषीदतु मयि क्षणमीक्षणार्द्धमिन्दोवरोदर सहोदरमिन्दिराय:।।3।। आमीलिताक्षमधिगम्य मुदा मुकुन्दमानन्दकन्दम निमेषमनंगतन्त्रम्।आकेकर स्थित कनी निकपक्ष्म नेत्रं भूत्यै भवेन्मम भुजंगरायांगनाया:।।4।। बाह्यन्तरे मधुजित: श्रितकौस्तुभै या हारावलीव हरिनीलमयी विभाति।0कामप्रदा भगवतो पि कटाक्षमाला कल्याण भावहतु…
विनियोगः- ॐ अस्य श्रीनारायण कवचस्य भार्गव ऋषिः, अनुष्टुप छन्दः, श्रीलक्ष्मीनारायणो देवता, ॐ बीजं, नमः शक्तिं, नारायणायेति कीलकं, श्रीलक्ष्मीनारायण प्रीत्यर्थे पाठे विनियोगः । ऋष्यादि-न्यासःॐ भार्गव ऋषये नमः शिरसि । अनुष्टुप् छन्दसे नमः मुखे । श्रीलक्ष्मीनारायणदेवतायै नमः हृदि । ॐ बीजाय नमः गुह्ये । नमः शक्त्यै नमः पादयोः । नारायणायेति कीलकाय नमः नाभौ । श्रीलक्ष्मीनारायणप्रीत्यर्थे जपे विनियोगाय…
रुद्राक्ष कैसे पहने , एवं कितने मुखी रुद्राक्ष? 🔺रुद्राक्ष के विभिन्न देव कौन है ? 🔺कौनसा रुद्राक्ष किस ग्रह के लिए ठीक है? 🔺किस रुद्राक्ष को किस मंत्र एवं किस दिन पहने? 🔺कौनसा रुद्राक्ष किस चन्द्र एवं लगन राशि के लिए उत्तम है? 🔺 किस रुद्राक्ष से किस रोग में शांति प्राप्त होती है ?…
नील सरस्वती मन्त्र स्तोत्र