पंच दिवसीय आराधना आचार्यजी मेहन्दीपुर बालाजी


वास्तु शास्त्र: गृह प्रवेश के लिए कभी ना चुनें ये 3 दिन, घर में होता है धन-धान्य का नाश वास्तु शास्त्र के हिसाब से नए घर में प्रवेश हमेशा शुभ तिथि और दिन में ही करना चाहिए। ऐसा करने से घर में सकारात्मकता आती है। साथ ही सारे काम अच्छे से बनने लगते हैं। जानिए…
नील सरस्वती मन्त्र स्तोत्र
मार्कण्डेय उवाच॥१६॥ततो वव्रे नृपो राज्यमविभ्रंश्यन्यजन्मनि।अत्रैव च निजं राज्यं हतशत्रुबलं बलात्॥१७॥मार्कण्डेयजी कहते हैं – ॥१६॥ तब राजा ने दूसरे जन्म में नष्ट न होनेवाला राज्य माँगा तथा इस जन्म में भी शत्रुओं की सेना को बलपूर्वक नष्ट करके पुन: अपना राज्य प्राप्त कर लेने का वरदान माँगा ॥१७॥ इस मंत्र की सवा लाख जप करे यानी…
==================================🔸पंचम स्थान व षष्ट स्थान के मालिक यदि एकदूसरे की राशि में स्थित हो तो ऐसे जातक की सन्तान बार- बार गर्भपात के कारण नष्ट हो जाती हैं।🔸#5th Lord अष्टम स्थान में हो तथा पंचम स्थान पर पापी ग्रहों का प्रभाव हो तो जातक को सन्तान सुख प्राप्त नही हो पाता।🔸#5th house पर शनि व…
चंद्रमा को मजबूत करने के लिए पूर्णिमा की रात को सत्यनारायण कथा और पूजा का व्रत करें। इसके अतिरिक्त, आप चंद्र देव की वैदिक पूजा कर सकते हैं जिसमें चंद्र मंत्र का जाप और दूध, चावल, सफेद फूल, चंदन व मिश्री से अर्घ्य देना शामिल है।सत्यनारायण कथा और पूजाव्रत का संकल्प: सुबह जल्दी उठकर व्रत…
विनियोगः- ॐ अस्य श्रीनारायण कवचस्य भार्गव ऋषिः, अनुष्टुप छन्दः, श्रीलक्ष्मीनारायणो देवता, ॐ बीजं, नमः शक्तिं, नारायणायेति कीलकं, श्रीलक्ष्मीनारायण प्रीत्यर्थे पाठे विनियोगः । ऋष्यादि-न्यासःॐ भार्गव ऋषये नमः शिरसि । अनुष्टुप् छन्दसे नमः मुखे । श्रीलक्ष्मीनारायणदेवतायै नमः हृदि । ॐ बीजाय नमः गुह्ये । नमः शक्त्यै नमः पादयोः । नारायणायेति कीलकाय नमः नाभौ । श्रीलक्ष्मीनारायणप्रीत्यर्थे जपे विनियोगाय…