मेहंदीपुर बालाजी में “संकट नाशक” हवन का मतलब!
मेहंदीपुर बालाजी में “संकट नाशक” हवन का मतलब है संकटमोचन यज्ञ, जो संकटों को दूर करने के लिए किया जाता है। भक्तों का मानना है कि इससे शारीरिक और मानसिक कष्टों का निवारण होता है। यह एक पाँच दिवसीय अनुष्ठान का हिस्सा हो सकता है या 41 दिनों के नियमों के बाद एक acharyajii. Com के अनुभवी कर्मकांडी ब्राह्मण द्वारा करवाया जाता है। हवन के बाद कुछ नियमों का पालन करना पड़ता है, जैसे कि मादक पदार्थों से दूर रहना।
संकट नाशक हवन (संकटमोचन यज्ञ) के बारे में
उद्देश्य: भक्तों के जीवन के सभी कष्टों और बाधाओं को दूर करना, विशेष रूप से भूत-प्रेत की बाधाओं से मुक्ति पाना।
अनुष्ठान:
यह एक पांच दिवसीय अनुष्ठान का हिस्सा हो सकता है, जिसमें वेदों के उच्चारण के साथ ,शंकट नाशक हनुमद वडवानल मन्त्र ,नारायनकवच,हनुमत कवच हनुमान चालीसा आदि मन्त्रो की आहुति प्रदान की जाती है।
41 दिनों के नियमों (परहेज) का पालन करने के बाद, किसी ब्राह्मण द्वारा हवन करवाया जाता है।
नियम:
हवन के बाद कुछ नियमों का पालन करना ज़रूरी है, जैसे कि लहसुन, प्याज, अंडा, मांस और शराब का सेवन न करना। कुछ नियम शंकट के अनुसार बताया जाता है जो आचार्य जी बता देते हैं ।
सफलता की मान्यता:
इस यज्ञ और नियमों के पालन से रोगी के कष्ट दूर हो जाते हैं और वह सामान्य जीवन जीने में सक्षम हो जाता है।
Acharyaji.com
9983577192
मेहन्दीपुर बालाजी
