पंच दिवसीय आराधना आचार्यजी मेहन्दीपुर बालाजी


मेहंदीपुर बालाजी में “संकट नाशक” हवन का मतलब है संकटमोचन यज्ञ, जो संकटों को दूर करने के लिए किया जाता है। भक्तों का मानना है कि इससे शारीरिक और मानसिक कष्टों का निवारण होता है। यह एक पाँच दिवसीय अनुष्ठान का हिस्सा हो सकता है या 41 दिनों के नियमों के बाद एक acharyajii. Com…
किस ग्रह से होती कौन-सी बीमारी जानिए सूर्य के बाद धरती के उपग्रह चन्द्र का प्रभाव धरती पर पूर्णिमा के दिन सबसे ज्यादा रहता है। जिस तरह मंगल के प्रभाव से समुद्र में मूंगे की पहाड़ियां बन जाती हैं और लोगों का खून दौड़ने लगता है उसी तरह चन्द्र से समुद्र में ज्वार-भाटा उत्पत्न होने…
किसी भी जन्म कुंडली में राहु और केतु ग्रह एक-दूसरे के सामने स्थित होते हैं तब ये दोनों ग्रह किसी भी काम में रुकावटें डालते है। ये ग्रह कुण्डली के जिस भाव में बैठते हैं और उस भाव से संबंधित रुकावटे डालतें हैं। इसे कालसर्प योग भी कहा जाता है। आपको बता दें कालसर्प योग…
चंद्रमा को मजबूत करने के लिए पूर्णिमा की रात को सत्यनारायण कथा और पूजा का व्रत करें। इसके अतिरिक्त, आप चंद्र देव की वैदिक पूजा कर सकते हैं जिसमें चंद्र मंत्र का जाप और दूध, चावल, सफेद फूल, चंदन व मिश्री से अर्घ्य देना शामिल है।सत्यनारायण कथा और पूजाव्रत का संकल्प: सुबह जल्दी उठकर व्रत…
नमश्चण्डिकायै, आज एक कुण्डली में प्रत्यक्ष प्रेतशाप के कारण सन्तान बाधा योग दिखा। जातक के पुत्र नहीं हो रहा था। गर्भ ठहरता नहीं, ठहरता भी तो परिपक्वता से पहले ही गिर जाता। बहुत उपाय किये तथापि कोई लाभ नहीं हुआ। डाक्टरी रिपोर्ट सब नार्मल। हमारे पास कुण्डली आयी तो प्रथम दृष्टि में ही पराशरहोरा शास्त्र…
मार्कण्डेय उवाच॥१६॥ततो वव्रे नृपो राज्यमविभ्रंश्यन्यजन्मनि।अत्रैव च निजं राज्यं हतशत्रुबलं बलात्॥१७॥मार्कण्डेयजी कहते हैं – ॥१६॥ तब राजा ने दूसरे जन्म में नष्ट न होनेवाला राज्य माँगा तथा इस जन्म में भी शत्रुओं की सेना को बलपूर्वक नष्ट करके पुन: अपना राज्य प्राप्त कर लेने का वरदान माँगा ॥१७॥ इस मंत्र की सवा लाख जप करे यानी…