चंद्रमा को मजबूत करने के लिए पूर्णिमा की रात को सत्यनारायण कथा और पूजा का व्रत करें।
चंद्रमा को मजबूत करने के लिए पूर्णिमा की रात को सत्यनारायण कथा और पूजा का व्रत करें। इसके अतिरिक्त, आप चंद्र देव की वैदिक पूजा कर सकते हैं जिसमें चंद्र मंत्र का जाप और दूध, चावल, सफेद फूल, चंदन व मिश्री से अर्घ्य देना शामिल है।
सत्यनारायण कथा और पूजा
व्रत का संकल्प: सुबह जल्दी उठकर व्रत का संकल्प लें।
पूजा का समय: यह पूजा शाम को करना अधिक शुभ माना जाता है।
पूजा सामग्री: सत्यनारायण पूजा के लिए आवश्यक सामग्री जैसे शक्कर, घी, दूध, दही, और गेहूँ का आटा इकट्ठा करें।
पूजा विधि: विधि-विधान से सत्यनारायण भगवान का पूजन और व्रत करें।
वैदिक चंद्र पूजा और अर्घ्य
अर्घ्य की सामग्री: एक कलश या लोटे में स्वच्छ जल भरें और उसमें थोड़ा कच्चा दूध, चावल, मिश्री, चंदन और सफेद फूल डालें।
अर्घ्य देने की विधि: चंद्रोदय के बाद चंद्रमा की ओर मुख करके इस जल को अर्पित करें।
चंद्र मंत्र: “ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः चन्द्रमसे नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।
चंद्रमा की रोशनी में बैठें: पूजा के बाद कुछ समय के लिए चंद्रमा की रोशनी में बैठकर चंद्र देव का आशीर्वाद प्राप्त करें।
खीर का भोग: चांदी या मिट्टी के बर्तन में रात भर चांदनी में रखी खीर का भोग लगाएं।
अन्य उपाय
चंद्रमा की वस्तुएं दान करें: सफेद चावल, शक्कर, दूध, सफेद वस्त्र और चांदी जैसी चीजें जरूरतमंदों को दान करें।
मोती धारण करें: यदि ज्योतिषीय रूप से उपयुक्त हो, तो योग्य ज्योतिषी की सलाह पर चांदी की अंगूठी में मोती धारण कर सकते हैं।
भगवान शिव की आराधना: रुद्राभिषेक या महामृत्युंजय जाप भी चंद्रमा के दोषों को कम करने में सहायक होता है।
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