पंच दिवसीय आराधना आचार्यजी मेहन्दीपुर बालाजी


चंद्रमा को मजबूत करने के लिए पूर्णिमा की रात को सत्यनारायण कथा और पूजा का व्रत करें। इसके अतिरिक्त, आप चंद्र देव की वैदिक पूजा कर सकते हैं जिसमें चंद्र मंत्र का जाप और दूध, चावल, सफेद फूल, चंदन व मिश्री से अर्घ्य देना शामिल है।सत्यनारायण कथा और पूजाव्रत का संकल्प: सुबह जल्दी उठकर व्रत…
श्री भैरव सर्वफलप्रद स्तोत्रम् ॥ॐ भं भैरवाय अनिष्टनिवारणाय स्वाहा ।मम सर्वेग्रहाः अनिष्टनिवारणाय स्वाहा ।ज्ञानं देहि धनं देहि मम द्रारिद्रयं दुखं निवारणाय स्वाहा ।सुतं देहि यशं देहि मम गृह क्लेशं निवारणाय स्वाहा ।स्वास्थ्य देहि बलं देहि मम शत्रुनिवारणाय स्वाहा ।सिद्धं देहि जयं देहि मम सर्वेॠणनिवारणाय स्वाहा ।ॐ भं भैरवाय अनिष्टनिवारणाय स्वाहा । । इति श्रीभैरवसर्वफलप्रदस्तोत्रं सम्पूर्णम…
किसी भी जन्म कुंडली में राहु और केतु ग्रह एक-दूसरे के सामने स्थित होते हैं तब ये दोनों ग्रह किसी भी काम में रुकावटें डालते है। ये ग्रह कुण्डली के जिस भाव में बैठते हैं और उस भाव से संबंधित रुकावटे डालतें हैं। इसे कालसर्प योग भी कहा जाता है। आपको बता दें कालसर्प योग…
विनियोगः- ॐ अस्य श्रीनारायण कवचस्य भार्गव ऋषिः, अनुष्टुप छन्दः, श्रीलक्ष्मीनारायणो देवता, ॐ बीजं, नमः शक्तिं, नारायणायेति कीलकं, श्रीलक्ष्मीनारायण प्रीत्यर्थे पाठे विनियोगः । ऋष्यादि-न्यासःॐ भार्गव ऋषये नमः शिरसि । अनुष्टुप् छन्दसे नमः मुखे । श्रीलक्ष्मीनारायणदेवतायै नमः हृदि । ॐ बीजाय नमः गुह्ये । नमः शक्त्यै नमः पादयोः । नारायणायेति कीलकाय नमः नाभौ । श्रीलक्ष्मीनारायणप्रीत्यर्थे जपे विनियोगाय…
मेहंदीपुर बालाजी में “संकट नाशक” हवन का मतलब है संकटमोचन यज्ञ, जो संकटों को दूर करने के लिए किया जाता है। भक्तों का मानना है कि इससे शारीरिक और मानसिक कष्टों का निवारण होता है। यह एक पाँच दिवसीय अनुष्ठान का हिस्सा हो सकता है या 41 दिनों के नियमों के बाद एक acharyajii. Com…
रुद्राक्ष कैसे पहने , एवं कितने मुखी रुद्राक्ष? 🔺रुद्राक्ष के विभिन्न देव कौन है ? 🔺कौनसा रुद्राक्ष किस ग्रह के लिए ठीक है? 🔺किस रुद्राक्ष को किस मंत्र एवं किस दिन पहने? 🔺कौनसा रुद्राक्ष किस चन्द्र एवं लगन राशि के लिए उत्तम है? 🔺 किस रुद्राक्ष से किस रोग में शांति प्राप्त होती है ?…