पंच दिवसीय आराधना आचार्यजी मेहन्दीपुर बालाजी


नमश्चण्डिकायै, आज एक कुण्डली में प्रत्यक्ष प्रेतशाप के कारण सन्तान बाधा योग दिखा। जातक के पुत्र नहीं हो रहा था। गर्भ ठहरता नहीं, ठहरता भी तो परिपक्वता से पहले ही गिर जाता। बहुत उपाय किये तथापि कोई लाभ नहीं हुआ। डाक्टरी रिपोर्ट सब नार्मल। हमारे पास कुण्डली आयी तो प्रथम दृष्टि में ही पराशरहोरा शास्त्र…
मार्कण्डेय उवाच॥१६॥ततो वव्रे नृपो राज्यमविभ्रंश्यन्यजन्मनि।अत्रैव च निजं राज्यं हतशत्रुबलं बलात्॥१७॥मार्कण्डेयजी कहते हैं – ॥१६॥ तब राजा ने दूसरे जन्म में नष्ट न होनेवाला राज्य माँगा तथा इस जन्म में भी शत्रुओं की सेना को बलपूर्वक नष्ट करके पुन: अपना राज्य प्राप्त कर लेने का वरदान माँगा ॥१७॥ इस मंत्र की सवा लाख जप करे यानी…
शतचंडी और नवचंडी पूजा, देवी दुर्गा को समर्पित अत्यंत शक्तिशाली और महत्वपूर्ण हिंदू अनुष्ठान हैं। इन पूजाओं में विशेष मंत्रों, हवन, और श्रद्धा से भरपूर विधियों के माध्यम से देवी की आराधना की जाती है। ये समारोह गहराई से धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखते हैं। इन पूजाओं का आयोजन विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता…
अच्छी कमाई होने के बाद भी घर में नहीं टिकता पैसा, वास्तु के ये उपाय दूर कर सकते हैं गरीबी/वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर में परेशानियां आना, बीमारी आना, फिजूलखर्ची होना, धन हानि होना और बाधाएं आना वास्तुदोष का कारण हो सकता है। ऐसे में कुछ वास्तु के नियमों का ख्याल जरूर रखना चाहिए। साथ ही,…
==================================🔸पंचम स्थान व षष्ट स्थान के मालिक यदि एकदूसरे की राशि में स्थित हो तो ऐसे जातक की सन्तान बार- बार गर्भपात के कारण नष्ट हो जाती हैं।🔸#5th Lord अष्टम स्थान में हो तथा पंचम स्थान पर पापी ग्रहों का प्रभाव हो तो जातक को सन्तान सुख प्राप्त नही हो पाता।🔸#5th house पर शनि व…
श्री भैरव सर्वफलप्रद स्तोत्रम् ॥ॐ भं भैरवाय अनिष्टनिवारणाय स्वाहा ।मम सर्वेग्रहाः अनिष्टनिवारणाय स्वाहा ।ज्ञानं देहि धनं देहि मम द्रारिद्रयं दुखं निवारणाय स्वाहा ।सुतं देहि यशं देहि मम गृह क्लेशं निवारणाय स्वाहा ।स्वास्थ्य देहि बलं देहि मम शत्रुनिवारणाय स्वाहा ।सिद्धं देहि जयं देहि मम सर्वेॠणनिवारणाय स्वाहा ।ॐ भं भैरवाय अनिष्टनिवारणाय स्वाहा । । इति श्रीभैरवसर्वफलप्रदस्तोत्रं सम्पूर्णम…