पंच दिवसीय आराधना आचार्यजी मेहन्दीपुर बालाजी


शतचंडी और नवचंडी पूजा, देवी दुर्गा को समर्पित अत्यंत शक्तिशाली और महत्वपूर्ण हिंदू अनुष्ठान हैं। इन पूजाओं में विशेष मंत्रों, हवन, और श्रद्धा से भरपूर विधियों के माध्यम से देवी की आराधना की जाती है। ये समारोह गहराई से धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखते हैं। इन पूजाओं का आयोजन विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता…
==================================🔸पंचम स्थान व षष्ट स्थान के मालिक यदि एकदूसरे की राशि में स्थित हो तो ऐसे जातक की सन्तान बार- बार गर्भपात के कारण नष्ट हो जाती हैं।🔸#5th Lord अष्टम स्थान में हो तथा पंचम स्थान पर पापी ग्रहों का प्रभाव हो तो जातक को सन्तान सुख प्राप्त नही हो पाता।🔸#5th house पर शनि व…
किस ग्रह से होती कौन-सी बीमारी जानिए सूर्य के बाद धरती के उपग्रह चन्द्र का प्रभाव धरती पर पूर्णिमा के दिन सबसे ज्यादा रहता है। जिस तरह मंगल के प्रभाव से समुद्र में मूंगे की पहाड़ियां बन जाती हैं और लोगों का खून दौड़ने लगता है उसी तरह चन्द्र से समुद्र में ज्वार-भाटा उत्पत्न होने…
किसी भी जन्म कुंडली में राहु और केतु ग्रह एक-दूसरे के सामने स्थित होते हैं तब ये दोनों ग्रह किसी भी काम में रुकावटें डालते है। ये ग्रह कुण्डली के जिस भाव में बैठते हैं और उस भाव से संबंधित रुकावटे डालतें हैं। इसे कालसर्प योग भी कहा जाता है। आपको बता दें कालसर्प योग…
चंद्रमा को मजबूत करने के लिए पूर्णिमा की रात को सत्यनारायण कथा और पूजा का व्रत करें। इसके अतिरिक्त, आप चंद्र देव की वैदिक पूजा कर सकते हैं जिसमें चंद्र मंत्र का जाप और दूध, चावल, सफेद फूल, चंदन व मिश्री से अर्घ्य देना शामिल है।सत्यनारायण कथा और पूजाव्रत का संकल्प: सुबह जल्दी उठकर व्रत…
श्री भैरव सर्वफलप्रद स्तोत्रम् ॥ॐ भं भैरवाय अनिष्टनिवारणाय स्वाहा ।मम सर्वेग्रहाः अनिष्टनिवारणाय स्वाहा ।ज्ञानं देहि धनं देहि मम द्रारिद्रयं दुखं निवारणाय स्वाहा ।सुतं देहि यशं देहि मम गृह क्लेशं निवारणाय स्वाहा ।स्वास्थ्य देहि बलं देहि मम शत्रुनिवारणाय स्वाहा ।सिद्धं देहि जयं देहि मम सर्वेॠणनिवारणाय स्वाहा ।ॐ भं भैरवाय अनिष्टनिवारणाय स्वाहा । । इति श्रीभैरवसर्वफलप्रदस्तोत्रं सम्पूर्णम…